आपके नाम पर कितने SIM हैं, यह देखने के लिए दूरसंचार विभाग के संचार साथी पोर्टल में “Know mobile connections in your name” सेवा खोलें। अपने चालू मोबाइल नंबर से OTP की पुष्टि करके सूची देखें। अनजान कनेक्शन और अब नहीं चाहिए वाला अपना कनेक्शन अलग श्रेणियों में रिपोर्ट करें; भेजने से पहले चुने हुए नंबर दोबारा मिलाएं।

मोबाइल आपके पास होना और उसका ग्राहक रिकॉर्ड आपके नाम पर होना अलग बातें हैं। परिवार के लिए लिया पुराना नंबर, बंद समझा गया कनेक्शन या पहचान के गलत इस्तेमाल से जुड़ी प्रविष्टि सूची में दिख सकती है। इस गाइड का उद्देश्य केवल संख्या जानना नहीं, नंबरों को सही पहचानना और जरूरत पड़ने पर सही शिकायत करना है। आधार से जुड़ी अलग जाँच के लिए आधार के गलत इस्तेमाल की गाइड पढ़ें।

संचार साथी और TAFCOP क्या हैं?

संचार साथी दूरसंचार विभाग की नागरिक सेवाओं का मंच है। इसमें अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शन जानने, संदिग्ध संचार रिपोर्ट करने और खोए फोन से संबंधित मदद जैसी अलग सुविधाएँ हैं। अपने नाम वाले कनेक्शन देखने की सुविधा को TAFCOP भी कहा जाता है। एक ही मंच पर होने के बावजूद हर सुविधा का उद्देश्य और जरूरी विवरण अलग हैं।

किसी फर्जी कॉल की शिकायत करने के लिए खोए फोन वाला फॉर्म चुनना सही नहीं होगा। इसी तरह SIM सूची देखने के लिए IMEI से फोन ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू न करें। पहले सेवा का नाम और उसके नीचे लिखा विवरण पढ़ें। दूरसंचार विभाग की आधिकारिक जानकारी इन सेवाओं के बीच अंतर समझने का उपयोगी आधार है।

जाँच से पहले किन चीजों की जरूरत है?

ऐसा चालू मोबाइल नंबर साथ रखें जो आपके नाम पर जारी है और जिस पर पुष्टि संदेश प्राप्त कर सकें। इंटरनेट वाला फोन या कंप्यूटर चाहिए। पोर्टल पर मौजूद कैप्चा या अन्य सत्यापन पूरा करना पड़ सकता है। वेबसाइट की उपलब्धता और स्क्रीन बदल सकती है; सामने लिखे निर्देश को प्राथमिकता दें। किसी अनजान व्यक्ति के भेजे OTP को इस्तेमाल करके अपनी सूची देखने की कोशिश न करें।

इस जाँच को आधार नंबर डालकर किसी भी व्यक्ति के सभी फोन नंबर निकालने की सार्वजनिक सेवा न समझें। आधिकारिक प्रक्रिया में मोबाइल नंबर की पुष्टि होती है। इसलिए “केवल नाम लिखें और पूरे नंबर पाएं” जैसी बाहरी वेबसाइट को पहचान पत्र अपलोड न करें। आपका लक्ष्य अपने ग्राहक रिकॉर्ड की समीक्षा है, दूसरे लोगों की निजी जानकारी ढूँढना नहीं।

वेबसाइट से अपने नाम पर SIM कैसे चेक करें?

  1. ब्राउज़र में sancharsaathi.gov.in खोलें। वास्तविक पता पढ़ें; केवल पेज पर लिखे सरकारी लोगो पर भरोसा न करें।
  2. नागरिक सेवाओं में “Know mobile connections in your name” या उसी अर्थ वाली सेवा चुनें। संबंधित TAFCOP पेज खुल सकता है।
  3. अपना चालू मोबाइल नंबर भरें। स्क्रीन पर कैप्चा माँगा गया हो तो उसे पूरा करें।
  4. OTP मंगाने का विकल्प चुनें और उसी नंबर पर आया पुष्टि कोड आधिकारिक पेज में भरें।
  5. लॉगिन के बाद सूची में दिख रही प्रविष्टियाँ ध्यान से पढ़ें। कुछ अंक छिपे हो सकते हैं।
  6. पहले अपने परिचित नंबर मिलाएं। फिर केवल अनजान या अब अनावश्यक कनेक्शन पर उचित विकल्प चुनें।
  7. रिपोर्ट भेजने के बाद मिला संदर्भ या टिकट नंबर सुरक्षित रखें, ताकि आगे स्थिति देख सकें।

यह मार्गदर्शन विभाग की प्रकाशित प्रक्रिया पर आधारित है। किसी बटन की भाषा बदलने पर नाम का अनुमान लगाकर तुरंत कार्रवाई न करें। खासकर रिपोर्ट भेजने से पहले पूरी चयन सूची पढ़ें। वर्तमान पेज में अतिरिक्त सूचना दिखे तो उसे भी पढ़ें; पुराने लेख की तस्वीर से अलग दिखना अपने आप धोखाधड़ी का प्रमाण नहीं है।

संचार साथी में सेवा चुनने, मोबाइल पुष्टि और सूची की समीक्षा का क्रम
DESHWISE का समझाने वाला आरेख; वास्तविक स्क्रीनशॉट नहीं।

सूची में अपना और अनजान नंबर कैसे पहचानें?

अधूरे दिखते नंबरों को फोन की SIM सेटिंग, पुराने बिल और परिवार के उपयोग वाले कनेक्शन से मिलाएं। केवल एक-दो आखिरी अंक पहचान में आने पर निष्कर्ष न निकालें। यदि विवरण अस्पष्ट है, तो अपने ऑपरेटर के आधिकारिक स्टोर या सहायता से ग्राहक रिकॉर्ड की पुष्टि का तरीका पूछें। बिना पुष्टि किसी परिचित नंबर को गलत श्रेणी में रिपोर्ट करना अनावश्यक परेशानी पैदा कर सकता है।

उदाहरण के लिए, आपने पहले माता-पिता के इस्तेमाल के लिए अपने नाम पर कनेक्शन लिया था। अब सूची में वह दिखे तो उसका अनजान लगना जरूरी नहीं कि पहचान चोरी हुई हो। परिवार से पूछें और दस्तावेज मिलाएं। दूसरी ओर, केवल परिचित नेटवर्क कंपनी का नाम देखकर हर नंबर अपना भी न मानें; पहचान वास्तविक नंबर और ग्राहक रिकॉर्ड से होगी।

“Not my number” और “Not required” में अंतर

“This is not my number” जैसी श्रेणी उस कनेक्शन के लिए है जिसे आपने लिया ही नहीं या जिसे अपना नहीं पहचानते। “Not required” जैसी श्रेणी अपने ऐसे कनेक्शन के लिए है जिसकी अब जरूरत नहीं। विकल्प का वास्तविक नाम वर्तमान स्क्रीन में पढ़ें। दोनों एक ही कार्रवाई का सुविधाजनक छोटा नाम नहीं हैं; आपकी रिपोर्ट में स्थिति का सही वर्णन होना चाहिए।

मान लें आपके नाम पर पुराना डेटा वाला नंबर था जिसे अब इस्तेमाल नहीं करते। उसे किसी और द्वारा निकाली फर्जी SIM बताना गलत विवरण होगा। उलटी स्थिति में, ऐसा नंबर जो आपने कभी लिया नहीं, उसे केवल “अब नहीं चाहिए” कहना शिकायत की प्रकृति अस्पष्ट कर सकता है। सही श्रेणी चुनें और उपलब्ध पुष्टि संदेश पढ़ें।

अनजान नंबर, अपना अनावश्यक नंबर और रिपोर्ट भेजने से पहले की जाँच
DESHWISE का समझाने वाला आरेख; वास्तविक स्क्रीनशॉट नहीं।

रिपोर्ट भेजने के बाद क्या होता है?

विभाग की प्रकाशित प्रक्रिया में ग्राहक की रिपोर्ट के बाद संबंधित कनेक्शन की जाँच और ऑपरेटर की भूमिका बताई गई है। रिपोर्ट का अर्थ यह नहीं कि भेजते ही नंबर हमेशा के लिए बंद हो गया। दोबारा सत्यापन की जरूरत पड़ सकती है और कार्रवाई की स्थिति अलग चरणों में दिख सकती है। मिला टिकट नंबर, रिपोर्ट की तारीख और चुनी श्रेणी अपने निजी रिकॉर्ड में रखें।

स्थिति देखने का विकल्प उपलब्ध हो तो उसी पोर्टल से जाँचें। पोर्टल पर विवरण न मिले या गलत कनेक्शन चयन का शक हो तो ऑपरेटर की आधिकारिक सहायता से संपर्क करें। “रिपोर्ट हटाने” के नाम पर फोन करने वाले अनजान व्यक्ति को OTP न दें। रिपोर्ट का संदर्भ सहायता के लिए है; उसे सार्वजनिक सोशल मीडिया पोस्ट में निजी नंबर के साथ प्रकाशित करने की जरूरत नहीं।

पुराने निर्देशों की समय-सीमा को हर मामले में निश्चित परिणाम का वादा न समझें। वर्तमान कार्रवाई के लिए पोर्टल, ऑपरेटर और लागू विभागीय निर्देश देखें। इस लेख में किसी कनेक्शन के तत्काल या तय तारीख तक बंद होने की गारंटी नहीं दी जा रही है। जाँच और अंतिम बंद होने की स्थिति अलग हो सकती है।

OTP नहीं आए या वेबसाइट न खुले तो

सबसे पहले दर्ज मोबाइल नंबर और फोन का नेटवर्क देखें। सामान्य संदेश आ रहे हैं या नहीं, इसकी जाँच करें। दो SIM वाले फोन में सही नंबर वाली SIM चालू होनी चाहिए। बार-बार अनुरोध भेजने के बजाय स्क्रीन पर उपलब्ध प्रतीक्षा या दोबारा कोड मंगाने का निर्देश पढ़ें। पुराना और नया OTP आपस में मिलाकर न भरें।

पेज पर प्रवेश निषिद्ध, समय समाप्त या सर्वर की समस्या आए तो इसे अपनी पहचान पर धोखाधड़ी का प्रमाण न मानें। आधिकारिक मुख्य वेबसाइट से सेवा दोबारा खोलें, स्थिर कनेक्शन पर कोशिश करें या कुछ समय बाद देखें। दूसरे अनजान पोर्टल पर अपना आधार, OTP या दस्तावेज देकर वही सेवा खुलवाने की कोशिश न करें।

ब्राउज़र में समस्या हो तो अद्यतन सामान्य ब्राउज़र आज़मा सकते हैं। सार्वजनिक कंप्यूटर पर लॉगिन किया है तो काम के बाद लॉगआउट करें और निजी रिकॉर्ड वहीं न छोड़ें। धीमे मोबाइल इंटरनेट की जाँच वाली गाइड कनेक्शन की अलग समस्या पहचानने में मदद कर सकती है।

ऐप इस्तेमाल करें या वेबसाइट?

संचार साथी की वेबसाइट और आधिकारिक मोबाइल ऐप दोनों विकल्प हैं। केवल SIM सूची देखने के लिए किसी संदेश में आई APK फाइल इंस्टॉल करना जरूरी नहीं। ऐप चाहिए तो आधिकारिक पोर्टल से दिए गए स्टोर लिंक का उपयोग करें और प्रकाशक की पहचान जाँचें। एक जैसे नाम, रंग या लोगो वाला हर ऐप सरकारी नहीं होता।

ऐप की अनुमतियों को उसके बताए उद्देश्य के साथ पढ़ें। किसी दूसरे व्यक्ति को आपका फोन चलाने देना और खुद आधिकारिक ऐप में जानकारी भरना अलग बातें हैं। स्क्रीन साझा करते समय OTP या ग्राहक रिकॉर्ड सामने आ सकता है। समझ न आए तो निर्देश पढ़वाएं, लेकिन संवेदनशील कोड स्वयं भरें।

कितने SIM की सीमा है और नियम कहाँ देखें?

दूरसंचार विभाग के 7 दिसंबर 2021 के प्रकाशित निर्देश में सामान्य व्यक्तिगत श्रेणी के लिए सभी ऑपरेटर मिलाकर नौ कनेक्शन और जम्मू-कश्मीर, असम तथा उत्तर-पूर्व लाइसेंस सेवा क्षेत्रों में छह की सीमा दर्ज है। यह किसी एक कंपनी के लिए अलग नौ नंबर की छूट नहीं है। व्यवसाय, श्रेणी और सेवा क्षेत्र की स्थिति को व्यक्तिगत नियम से बिना जाँच न मिलाएं।

सीमा या नियम पर निर्णय लेने से पहले वर्तमान विभागीय निर्देश तथा अपने ऑपरेटर से पुष्टि करें। इस लेख में पुराने दस्तावेज की तारीख इसलिए बताई गई है ताकि उसे बिना तारीख वाले स्थायी वादे की तरह न पढ़ा जाए। ग्राहक रिकॉर्ड में गलती हो तो संबंधित ऑपरेटर से उसका समाधान पूछें; केवल वेबसाइट की संख्या देखकर कानूनी निष्कर्ष न निकालें।

Aadhaar से जुड़ा मोबाइल और SIM सूची अलग कैसे हैं?

लोग अक्सर “मेरे आधार पर कितने SIM हैं” खोजते हैं। लेकिन आधार खाते में OTP के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर जानना और आपकी पहचान पर जारी दूरसंचार कनेक्शन देखना अलग जाँच हैं। एक स्क्रीन का परिणाम दूसरी सेवा की पूरी स्थिति प्रमाणित नहीं करता। इसलिए SIM सूची देखकर आधार के हर उपयोग की पुष्टि हो गई, ऐसा न समझें।

आधार प्रमाणीकरण इतिहास और बायोमेट्रिक लॉक के अपने उद्देश्य तथा सीमाएँ हैं। उन्हें समझने के लिए आधार सुरक्षा का विस्तृत लेख देखें। SIM रिपोर्ट कर देना अपने आप आधार लॉक करना, बैंक विवरण बदलना या सभी खातों का पासवर्ड रीसेट करना नहीं है। हर प्रभावित सेवा की जरूरत अलग पहचानें।

फर्जी कॉल आई हो या पैसे कट गए हों तो

संदिग्ध कॉल, संदेश और आर्थिक नुकसान एक जैसे मामले नहीं हैं। संदिग्ध संचार के लिए संचार साथी की संबंधित रिपोर्टिंग सुविधा देखें। वित्तीय धोखाधड़ी हो गई है तो SIM सूची की जाँच पूरी होने का इंतजार न करें; बैंक या भुगतान सेवा की आधिकारिक सहायता और राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत व्यवस्था से तुरंत संपर्क करें।

आर्थिक साइबर धोखाधड़ी में 1930 और cybercrime.gov.in सरकारी सहायता के रास्ते हैं। लेनदेन का समय, रकम, संदर्भ और संदेश निजी रूप से सुरक्षित रखें। शिकायत या SIM रिपोर्ट से रकम लौटने की गारंटी नहीं होती। भुगतान से जुड़ी अगली जाँच के लिए UPI धोखाधड़ी वाली गाइड पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सिर्फ अपना नाम डालकर सभी SIM देख सकते हैं?

इसे सार्वजनिक नाम-आधारित खोज न समझें। आधिकारिक प्रक्रिया में अपने मोबाइल नंबर की OTP पुष्टि करके संबंधित कनेक्शन देखे जाते हैं।

क्या अनजान नंबर रिपोर्ट करते ही बंद होगा?

तुरंत अंतिम बंद होने का निष्कर्ष न निकालें। जाँच या दोबारा सत्यापन हो सकता है। संदर्भ नंबर रखें और आधिकारिक स्थिति देखें।

क्या अपना चालू नंबर भी गलती से रिपोर्ट हो सकता है?

गलत चयन से बचने के लिए भेजने से पहले नंबर और श्रेणी मिलाएं। गलती का शक हो तो जल्द संबंधित ऑपरेटर और आधिकारिक सहायता से संपर्क करें।

क्या परिवार का नंबर अनजान बताना चाहिए?

पहले परिवार और रिकॉर्ड से पुष्टि करें। आपने अपने नाम पर लिया था तो उसे बिना जाँच फर्जी कनेक्शन न बताएं। आगे की जरूरत ऑपरेटर से समझें।

क्या वेबसाइट इस्तेमाल करने के लिए ऐप जरूरी है?

वेबसाइट एक अलग उपलब्ध विकल्प है। अनजान APK या भुगतान वाली एजेंट सेवा को इस जाँच की अनिवार्य शर्त न मानें।

क्या यह Aadhaar authentication history भी दिखाता है?

नहीं, दोनों जाँच का उद्देश्य अलग है। मोबाइल कनेक्शन की समीक्षा और आधार प्रमाणीकरण की समीक्षा संबंधित आधिकारिक सेवाओं में अलग करें।