सुबह योग करना अच्छा लगे तो क्या जिम की जरूरत नहीं रहती? और अगर वजन उठाते हैं तो योग के लिए अलग समय निकालना चाहिए? इन सवालों में अक्सर दो अलग गतिविधियों को प्रतियोगी बना दिया जाता है। असल में फैसला आपके उद्देश्य, पसंद, समय और क्षमता से जुड़ा है। योग, चलना और शक्ति अभ्यास एक ही सप्ताह में रखे जा सकते हैं, लेकिन हर दिन सब कुछ करना जरूरी नहीं है।

यह गाइड सामान्य वयस्कों के लिए एक लचीला ढांचा देती है। इसे अपनी बीमारी, चोट या गर्भावस्था के लिए तैयार व्यक्तिगत कार्यक्रम न मानें। यदि अभी शुरुआत कर रहे हैं तो नीचे दिए समय को भी कम करना पड़ सकता है। यहां लक्ष्य पूरा कैलेंडर भरना नहीं, ऐसा सप्ताह बनाना है जिसमें गतिविधि के अलग हिस्से और आराम दोनों के लिए जगह हो।

पहले समझें कि ‘वर्कआउट’ में क्या शामिल है

वर्कआउट कोई एक व्यायाम नहीं है। तेज चलना, साइकिल चलाना, शरीर के वजन से अभ्यास और जिम में वजन उठाना अलग प्रकार की गतिविधियां हैं। इनमें कुछ सहनशक्ति, कुछ ताकत और कुछ संतुलन पर अधिक काम करती हैं। यदि आप कहते हैं कि रोज वर्कआउट करते हैं, तो यह भी देखें कि वास्तव में किस प्रकार की गतिविधि हो रही है।

योग भी एक जैसा नहीं होता। किसी सत्र में आसन धीरे किए जाते हैं, किसी में गति अधिक होती है और किसी में सांस तथा ध्यान को अधिक जगह मिलती है। केवल ‘योग क्लास’ नाम देखकर उसकी तीव्रता या आपकी फिटनेस जरूरतों की पूर्ति तय नहीं की जा सकती। क्लास का विवरण, प्रशिक्षक का तरीका और आपका अनुभव महत्वपूर्ण हैं।

योग से क्या उम्मीद रखें

NCCIH की समीक्षा के अनुसार योग सामान्य स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, संतुलन और कुछ समस्याओं में मददगार हो सकता है, लेकिन लाभ विषय और अध्ययन के अनुसार बदलते हैं। इसे सभी बीमारियों का इलाज कहना सही नहीं। सही तरीके और योग्य मार्गदर्शन में अभ्यास आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है, फिर भी चोट लग सकती है। [1]

अपने लिए उम्मीद सरल रखें: क्या आपको अभ्यास पसंद है, क्या आप नियमित जा सकते हैं और क्या अभ्यास के दौरान सुरक्षित महसूस होता है? पहली क्लास में कठिन आसन कर लेना जरूरी लक्ष्य नहीं है। यदि आप सांस रोक रहे हैं, दर्द सह रहे हैं या प्रशिक्षक के दबाव में अपनी सीमा पार कर रहे हैं, तो अभ्यास का आसान रूप मांगें।

सामान्य गतिविधि लक्ष्य को कैसे समझें

NHS की वयस्क गाइड में सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम गतिविधि या 75 मिनट तेज गतिविधि और दो दिन शक्ति अभ्यास शामिल है। [2] कुछ योग रूप ताकत या संतुलन पर काम कर सकते हैं, लेकिन हर हल्का योग सत्र अपने आप मध्यम तीव्रता की गतिविधि का पूरा विकल्प नहीं है। सत्र में वास्तव में क्या हो रहा है, यह देखें।

इस लक्ष्य को सीधे पहले सप्ताह की बाध्यता न बनाएं। लंबे समय से निष्क्रिय हैं तो कम समय से शुरू करें और क्षमता के अनुसार धीरे बढ़ाएं। किसी दिन हल्का योग अच्छा लगना और दूसरे दिन चलना पसंद आना सामान्य है। अपने कार्यक्रम में गतिविधियों को उनके काम के आधार पर जगह दें, सिर्फ नाम या लोकप्रियता के आधार पर नहीं।

पहले समय की वास्तविक सीमा लिखें

कैलेंडर खोलकर देखें कि किन दिनों में वास्तव में बीस या तीस मिनट मिल सकते हैं। यात्रा, भोजन बनाना और घर के काम को खाली समय न समझें। फिर तय करें कि किस गतिविधि के लिए बाहर जाना होगा और कौन सी घर में हो सकती है। यह छोटी गणना कई अव्यावहारिक योजनाओं को शुरू होने से पहले सुधार देती है।

उदाहरण के लिए यदि जिम आने जाने में अधिक समय लगता है तो दो तय दिन वहां जाना और बाकी दिनों में स्थानीय वॉक अधिक आसान हो सकती है। योग क्लास सप्ताह में एक बार मिलती हो तो घर पर अभ्यास के लिए वही सुरक्षित आसान गतिविधियां चुनें जो आपने ठीक से सीखी हैं। केवल वीडियो देखकर कठिन आसन जोड़ना जरूरी नहीं है।

एक संतुलित सप्ताह का नमूना

नीचे का नमूना ऐसे वयस्क के लिए है जो पहले से हल्की गतिविधि आराम से कर सकता है। सोमवार को बीस मिनट सहज से तेज चाल और अलग छोटा शक्ति सत्र रखा जा सकता है। मंगलवार को बीस मिनट चलना और कुछ मिनट हल्का योग। बुधवार को बीस मिनट चलना। गुरुवार को बीस मिनट चलना और दूसरा हल्का शक्ति सत्र। शुक्रवार को बीस मिनट चलना और अपनी पसंद का आरामदायक योग अभ्यास।

शनिवार को तीस मिनट और रविवार को बीस मिनट की वॉक रखने पर चलने का कुल समय 150 मिनट बनता है। इसका मध्यम गतिविधि में गिना जाना आपकी चाल और प्रयास पर निर्भर करेगा। यह चिकित्सा पर्चा नहीं, गणना समझाने वाला नमूना है। जरूरत हो तो छोटी अवधि से शुरू करें, विराम लें और योग को वैकल्पिक रखें। अगर थकान बढ़ती है तो कार्यक्रम घटाएं; संख्या पूरी करने के लिए शरीर को न धकेलें।

बिल्कुल नए व्यक्ति के लिए इसका छोटा रूप

यदि ऊपर का कार्यक्रम ज्यादा लगता है तो पहले केवल कुछ दिनों की छोटी वॉक चुनें। एक दिन प्रशिक्षक से आसान शक्ति अभ्यास सीखें और किसी दूसरे दिन हल्का योग समझें। अभी पूरा साप्ताहिक लक्ष्य पूरा न होना असफलता नहीं है। आपकी शुरुआती उपलब्धि गतिविधियों को पहचानना और बिना अनावश्यक परेशानी के वापस लौटना हो सकती है।

शुरुआत की नोटबुक में गतिविधि के बाद का अनुभव लिखें। क्या अगले दिन सामान्य काम हो रहे हैं? किस मूवमेंट में मदद चाहिए? कौन सा समय आसानी से मिल रहा है? इन्हीं जवाबों से अगला सप्ताह बनाएं। नया व्यक्ति और लंबे समय से अभ्यास कर रहा व्यक्ति एक ही चार्ट पर हों, यह जरूरी नहीं।

एक ही दिन योग और शक्ति अभ्यास करें तो

पहले दिन का मुख्य उद्देश्य तय करें। यदि शक्ति तकनीक सीखनी है तो उसे तब रखें जब आप बहुत थके न हों। हल्का योग अलग समय या आसान समापन के रूप में रखा जा सकता है, लेकिन कठिन योग सत्र को अपने आप आराम वाला दिन न मानें। कुछ कक्षाएं काफी प्रयास मांग सकती हैं।

दोनों सत्रों के बीच अपनी सुविधा के अनुसार अंतर रखें। भोजन और आराम के लिए समय न बचे तो दो गतिविधियों को एक ही दिन ठूंसने की जरूरत नहीं है। प्रशिक्षक को बताएं कि उसी दिन दूसरा अभ्यास भी है। किसी सार्वभौमिक क्रम की तलाश के बजाय कुल थकान, तकनीक और लक्ष्य देखें। दर्द या चक्कर आए तो कार्यक्रम रोककर कारण समझें।

आराम वाले दिन का मतलब क्या हो

आराम का दिन पूरी तरह निष्क्रिय रहना जरूरी नहीं, लेकिन उसे छिपा हुआ कठिन वर्कआउट भी न बनाएं। सामान्य काम, सहज वॉक या पसंद की हल्की गतिविधि कुछ लोगों के लिए ठीक हो सकती है। यदि शरीर को ज्यादा आराम चाहिए या बीमारी है, तो गतिविधि कम करना उचित होगा। ‘कैलेंडर में टिक लगाना है’ कोई चिकित्सकीय कारण नहीं है।

मान लें गुरुवार का शक्ति सत्र सामान्य से कठिन लगा। शुक्रवार को तय कठिन योग करके थकान जोड़ने के बजाय आसान विकल्प चुन सकते हैं। योजना बदलने को हार न मानें। सप्ताह के कामों को आगे पीछे करने की क्षमता ही कार्यक्रम को जीवन के अनुकूल बनाती है। अभ्यास का उद्देश्य शरीर की सेवा है, चार्ट की रक्षा नहीं।

वजन घटाने और शरीर बदलने के दावों से सावधान

किसी एक योगासन या वर्कआउट से तय जगह की चर्बी पिघलने, सात दिन में शरीर बदलने या हर व्यक्ति का वजन समान गति से घटने का वादा भरोसेमंद योजना नहीं है। भोजन, कुल गतिविधि, स्वास्थ्य और कई दूसरे कारण परिणाम पर असर डालते हैं। इस लेख का नमूना किसी निश्चित वजन परिवर्तन की गारंटी नहीं देता।

अपनी प्रगति के लिए केवल तराजू न देखें। नियमितता, तकनीक की समझ और रोजमर्रा की क्षमता भी नोट करें। यदि आपका मुख्य लक्ष्य वजन संबंधी है और कोई स्वास्थ्य स्थिति भी है, तो योग्य पेशेवर से व्यक्तिगत योजना बनवाना उपयोगी होगा। इंटरनेट पर दिखे दूसरे व्यक्ति के परिणाम को अपनी समय सीमा बनाना आवश्यक नहीं है।

प्रशिक्षक और क्लास कैसे चुनें

ऐसी क्लास देखें जहां शुरुआती व्यक्ति अपनी सीमा बता सके। प्रशिक्षक से पूछें कि दर्द होने पर क्या विकल्प है, अभ्यास कैसे बदला जाएगा और कौन सा उपकरण चाहिए। केवल कठिन आसन दिखाने की क्षमता, हर व्यक्ति को सुरक्षित सिखाने का प्रमाण नहीं है। अनुभव और योग्यता के साथ संवाद का तरीका भी देखें।

ऑनलाइन सत्र में कैमरा कोण स्पष्ट हो और निर्देश समझ आएं। वीडियो के साथ तालमेल न बैठने पर रोककर सीखें। किसी आसन में उल्टा खड़े होना, अत्यधिक मोड़ या लंबे समय सांस रोकना केवल चुनौती के कारण न आजमाएं। गर्भावस्था, जोड़ों की समस्या या अन्य बीमारी में विशेष बदलाव की जरूरत हो सकती है; NCCIH भी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार सावधानी की बात करता है। [1]

अगले सप्ताह की योजना कैसे सुधारें

सप्ताह पूरा होने पर यह न पूछें कि योग बेहतर था या जिम। पूछें कि कौन सी गतिविधि नियमित हुई, किसके बाद अच्छा लगा और किसमें परेशानी आई। यदि यात्रा का समय सबसे बड़ी बाधा है तो घर के पास विकल्प खोजें। यदि तकनीक अस्पष्ट है तो समय बढ़ाने के बजाय उसे सीखने में निवेश करें।

छाती में दर्द, बेहोशी या असामान्य गंभीर सांस की तकलीफ में अभ्यास रोककर तत्काल मदद लें। लगातार दर्द या चोट में व्यक्तिगत सलाह लें। बाकी दिनों में कार्यक्रम को अपनी क्षमता के साथ धीरे बढ़ाएं। योग और वर्कआउट साथ रखना तभी उपयोगी है जब दोनों आपके जीवन में सहज जगह बना सकें और उनके बीच जरूरी आराम बचा रहे।

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