सुबह जल्दी में अक्सर सवाल होता है कि ऐसा क्या बनाएं जो स्वादिष्ट भी हो और रसोई में बहुत उलझाए भी नहीं। झटपट नाश्ता रेसिपी का सही मतलब हर चीज पांच मिनट में बनाना नहीं, बल्कि सरल सामग्री और थोड़ी तैयारी से काम आसान करना है। यहां पोहा, उपमा, आलू परांठा और सादा परांठा बनाने की पूरी विधि मिलेगी। हर रेसिपी की मात्रा अलग से तीन से चार लोगों के लिए है; सभी को एक ही सुबह बनाना जरूरी नहीं। पोहा और उपमा के लिए सब्जियां पहले काट सकते हैं। परांठे जल्दी बनाने हों तो उबले आलू तैयार रखें। हर तरीके में बनावट के छोटे संकेत दिए गए हैं, ताकि केवल घड़ी देखकर खाना न उतारें। अपनी सुबह के समय और उपलब्ध सामग्री के हिसाब से इनमें से एक विकल्प चुनें।
झटपट नाश्ता रेसिपी की तैयारी और समय
पोहा लगभग पंद्रह से बीस मिनट और उपमा लगभग बीस से पच्चीस मिनट में बन सकता है। परांठों के लिए आटा गूंधना, आराम देना और सेंकना जोड़ें; लगभग तीस से चालीस मिनट रखें। आलू उबालने और ठंडे करने का समय अलग है। एक कप लगभग दो सौ चालीस मिलीलीटर और छोटा चम्मच लगभग पांच मिलीलीटर मानें। सब्जियां, सूजी और पोहा मापकर लें; सामग्री बदलने पर पानी भी बदल सकता है।
पोहा रेसिपी की सामग्री
- मोटा पोहा: ढाई सौ ग्राम।
- प्याज: एक मध्यम, बारीक कटा।
- हरी मटर: पचास ग्राम।
- मूंगफली: तीस ग्राम।
- तेल: डेढ़ बड़े चम्मच।
- राई: आधा छोटा चम्मच।
- हल्दी: आधा छोटा चम्मच।
- करी पत्ते: छह से आठ, वैकल्पिक।
- हरी मिर्च: एक छोटी, वैकल्पिक।
- नमक: लगभग तीन चौथाई छोटा चम्मच।
- नींबू का रस: दो छोटे चम्मच।
- हरा धनिया: दो बड़े चम्मच।
- पानी: धोने और जरूरत पर हल्के छींटों के लिए।
पोहा बनाने की क्रमवार विधि
- पोहे को छलनी में रखकर साफ पानी से हल्के हाथ धोएं। पानी तुरंत निकाल दें और लगभग पांच मिनट रखें। एक दाना दबाकर देखें; वह नरम हो लेकिन टूटकर लुगदी न बने।
- पैन में तेल गरम करके मूंगफली धीमी आंच पर कुरकुरी करें। निकाल लें। उसी तेल में राई चटकाएं और करी पत्ते सावधानी से डालें; पत्तों पर पानी न टपक रहा हो।
- प्याज, मिर्च और मटर डालकर कुछ मिनट पकाएं। मटर सख्त हो तो थोड़ा पानी देकर ढकें। हल्दी और नमक मिलाएं; मसाला जलने से पहले पोहा डालें।
- हल्के हाथ मिलाएं। पोहा सूखा लगे तो एक-दो बड़े चम्मच पानी छिड़कें, लेकिन नीचे पानी जमा न करें। ढककर धीमी आंच पर लगभग दो से तीन मिनट गरम करें।
- मूंगफली और हरा धनिया डालें। आंच बंद करके नींबू मिलाएं। तुरंत बहुत जोर से चलाने से दाने टूट सकते हैं, इसलिए चौड़े चम्मच से धीरे पलटें और गरम परोसें।

उपमा रेसिपी की सामग्री
- सूजी: दो सौ ग्राम।
- पानी: लगभग सात सौ से आठ सौ मिलीलीटर।
- प्याज: एक मध्यम, बारीक कटा।
- गाजर: पचास ग्राम, बहुत छोटे टुकड़े।
- हरी मटर: पचास ग्राम।
- तेल या घी: डेढ़ बड़े चम्मच।
- राई: आधा छोटा चम्मच।
- जीरा: आधा छोटा चम्मच।
- अदरक: एक छोटा चम्मच, बारीक कटा।
- करी पत्ते: छह से आठ, वैकल्पिक।
- हरी मिर्च: एक छोटी, वैकल्पिक।
- नमक: लगभग तीन चौथाई छोटा चम्मच।
- नींबू का रस: एक से दो छोटे चम्मच।
- हरा धनिया: दो बड़े चम्मच।
बिना गांठ का उपमा बनाने की विधि
- सूजी को चौड़े पैन में धीमी आंच पर लगभग पांच से सात मिनट भूनें। हल्की खुशबू आए और दाने सूखे लगें तो निकालें। रंग गहरा भूरा करने की जरूरत नहीं है।
- पैन में तेल या घी लें। राई, जीरा और करी पत्ते डालें। प्याज, अदरक, मिर्च, गाजर और मटर मिलाकर लगभग चार से पांच मिनट चलाएं।
- पहले लगभग सात सौ मिलीलीटर पानी और नमक डालें। उबाल आने दें। गाजर बहुत सख्त हो तो कुछ देर और पकाएं; सब्जियों का कच्चापन कम होना चाहिए।
- आंच धीमी करें। सूजी को पतली धार में थोड़ा-थोड़ा डालते हुए दूसरे हाथ से चम्मच चलाएं। पूरी सूजी एक साथ डालने से गांठें बन सकती हैं। भाप से हाथ दूर रखें।
- ढककर लगभग तीन से पांच मिनट पकाएं। जरूरत हो तो बचा गरम पानी थोड़ा मिलाएं। दाने नरम हों और सूखी कच्ची सूजी न लगे तो आंच बंद करें।
- लगभग दो मिनट ढका रहने दें। नींबू और धनिया मिलाकर हल्के हाथ खोलें। उपमा थोड़ा नरम रखना बेहतर है, क्योंकि ठंडा होने पर वह और जमता है।

आलू परांठा रेसिपी की सामग्री
- गेहूं का आटा: ढाई सौ ग्राम।
- आटे में नमक: आधा छोटा चम्मच।
- आटे के लिए तेल: एक छोटा चम्मच।
- पानी: लगभग डेढ़ सौ से एक सौ सत्तर मिलीलीटर।
- उबले, छिले और ठंडे आलू: तीन सौ ग्राम।
- जीरा पाउडर: आधा छोटा चम्मच।
- अमचूर: आधा छोटा चम्मच।
- भरावन में नमक: लगभग आधा छोटा चम्मच।
- हरी मिर्च: एक छोटी, बारीक कटी, वैकल्पिक।
- हरा धनिया: दो बड़े चम्मच, बारीक कटा।
- सेंकने के लिए तेल या घी: लगभग दो बड़े चम्मच।
- बेलने के लिए सूखा आटा: जरूरत अनुसार थोड़ा।
आलू परांठा बनाने की विधि
- आटे में नमक और एक छोटा चम्मच तेल मिलाएं। पानी धीरे डालकर मुलायम आटा गूंधें। ढककर लगभग पंद्रह मिनट रखें। इस बीच ठंडे आलू अच्छी तरह मसलें।
- आलू में जीरा, अमचूर, भरावन वाला नमक, मिर्च और धनिया मिलाएं। बड़े टुकड़े न रहें। भरावन गीली हो तो पहले उसकी अतिरिक्त नमी कम करें; गरम आलू न भरें।
- आटे और भरावन के छह हिस्से करें। लोई की छोटी पूरी बेलें। बीच में भरावन रखें, किनारे उठाकर बंद करें और हल्के हाथ दबाएं। थोड़ा सूखा आटा लगाकर लगभग पंद्रह से सत्रह सेंटीमीटर बेलें।
- गरम तवे पर रखें। ऊपर हल्के बुलबुले आएं तो पलटें। दोनों तरफ थोड़ा तेल या घी लगाकर मध्यम आंच पर सुनहरे धब्बे आने तक सेंकें।
- किनारे भी स्पैटुला से हल्के दबाकर पकाएं। कच्चा आटा न बचे। बाकी परांठे इसी तरह बनाएं; हर परांठे का समय मोटाई और तवे की गर्मी से बदलेगा।
सादा परांठा रेसिपी की सामग्री
- गेहूं का आटा: ढाई सौ ग्राम।
- नमक: आधा छोटा चम्मच।
- आटे में तेल: दो छोटे चम्मच।
- पानी: लगभग डेढ़ सौ से एक सौ सत्तर मिलीलीटर।
- तह और सेंकने के लिए तेल या घी: लगभग दो बड़े चम्मच।
- बेलने के लिए सूखा आटा: जरूरत अनुसार थोड़ा।
सादा परांठा बनाने की विधि
- आटा, नमक और दो छोटे चम्मच तेल मिलाएं। पानी धीरे देकर मुलायम गूंधें। ढककर लगभग पंद्रह मिनट आराम दें, फिर छह बराबर लोइयां करें।
- लोई को छोटी रोटी की तरह बेलें। बहुत हल्का तेल लगाकर आधा मोड़ें और फिर आधा मोड़कर त्रिकोण बनाएं। हल्के हाथ दोबारा बेलें; तह पर मोटी गांठ न रहे।
- गरम तवे पर डालें। एक तरफ हल्के धब्बे आने पर पलटें। दोनों तरफ थोड़ा तेल या घी लगाएं और मध्यम आंच पर अच्छी तरह सेंकें।
- किनारों और तह वाले हिस्सों की पकावट देखें। बाहर जल्दी भूरा लेकिन बीच कच्चा हो तो आंच घटाएं। तैयार परांठे साफ प्लेट में रखें और गरम परोसें।
झटपट नाश्ता रेसिपी सफल बनाने के राज
पोहा धोने के बाद नरमी देखें, हर ब्रांड को एक जैसा भिगोना जरूरी नहीं है। सूजी पहले भूनकर ठंडी कर लें तो सुबह समय बच सकता है; साफ बंद डिब्बे में रखें। परांठे का आटा आराम के बाद आसान बेलता है। भरावन और आटे की नरमी करीब रखें, ताकि बेलते समय आलू बाहर न निकले। सभी व्यंजनों में नमक शुरुआत में थोड़ा कम रखकर आखिर में जांचना उपयोगी है।
आम गलतियां और समाधान
- पोहा लुगदी बना: ज्यादा देर भिगोया या बहुत पतला पोहा लिया होगा। मोटा पोहा चुनें और धोकर पानी तुरंत निकालें।
- उपमा में गांठें: सूजी एक साथ पड़ी होगी। अगली बार पतली धार में डालें और लगातार चलाएं।
- उपमा सूखा: सूजी ने ज्यादा पानी सोखा होगा। थोड़ा गरम पानी मिलाकर ढकें और पकावट जांचें।
- परांठा फटा: भरावन गीली, आलू मोटे या दबाव ज्यादा हो सकता है। भरावन बारीक करें और हल्का बेलें।
- परांठा कड़ा: आटा सख्त या आंच बहुत धीमी रही होगी। मुलायम आटा और संभली मध्यम आंच रखें।
बदलाव और अलग स्वाद
पोहा में मूंगफली छोड़कर उबले कॉर्न डाल सकते हैं। उपमा में बारीक बीन्स मिलाएं तो पहले उनकी पकावट पूरी करें। आलू की भरावन में थोड़ी बारीक पुदीना पत्ती नया स्वाद देती है। सादे परांठे में थोड़ी अजवाइन मिला सकते हैं। बहुत सारी गीली सब्जियां सीधे आटे में डालने से पानी का हिसाब बदलता है, इसलिए छोटे बदलाव करें और आटे की नरमी देखें।
परोसने और बचा नाश्ता रखने के सुझाव
पोहा और उपमा पर धनिया तथा नींबू अलग दें। परांठों के साथ सादा दही या अपनी पसंद की चटनी रखें। सभी नाश्तों पर अतिरिक्त घी डालना जरूरी नहीं है। बचा खाना दो घंटे के भीतर फ्रिज में रखें; गर्म मौसम में और जल्दी। आलू की भरावन भी ढककर ठंडी रखें। दोबारा गरम करते समय बीच तक गरम करें और बार-बार तापमान बदलने से बचें।

पोषण और सामान्य खाने की बातें
हिस्सा, तेल और साथ में परोसी चीजें पूरी थाली का हिस्सा हैं। सब्जियां जोड़ना अच्छा विकल्प है, लेकिन अपनी भूख के अनुसार मात्रा रखें। मूंगफली, गेहूं और दही वाली सामग्री एलर्जी के अनुसार चुनें। पोहा चावल से बनता है, जबकि सूजी और गेहूं के परांठे अलग सामग्री हैं; इन्हें एक जैसा न मानें। किसी नाश्ते को केवल नाम से वजन घटाने वाला या सभी के लिए सबसे अच्छा न कहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पोहे के लिए कौन सा प्रकार लें?
इस विधि में मोटा पोहा लें। बहुत पतला पोहा जल्दी टूट सकता है और उसे नमी देने का तरीका अलग होगा।
क्या उपमा की सूजी पहले भून सकते हैं?
हां। भूनकर पूरी ठंडी करें और साफ बंद डिब्बे में रखें। गंध और नमी जांचकर इस्तेमाल करें।
आलू परांठे की भरावन ठंडी क्यों रखें?
गरम भरावन भाप छोड़ती है और आटा गीला कर सकती है। ठंडी, सूखी भरावन बेलना आसान बनाती है।
परांठे के लिए तवा कितना गरम हो?
मध्यम गरम रखें। बहुत तेज आंच बाहर जलाती है और बहुत धीमी आंच पर लंबा सेंकने से परांठा सूख सकता है।
क्या चारों नाश्ते एक साथ बनाना जरूरी है?
नहीं। हर मात्रा अलग से तीन से चार लोगों के लिए है। उपलब्ध समय और सामग्री से एक विकल्प चुनें।
कल सुबह क्या बनाएंगे?
छोटी तैयारी से रोज का नाश्ता आसान हो सकता है। आपके घर में पोहा, उपमा या परांठे में किसकी मांग ज्यादा रहती है? टिप्पणी में बताएं।